लक्ष्यशील बनो

प्यारे साथियों लक्ष्यहीन मनुष्य की कोई कदर नहीं होती हैं। वैसे ही जैसे बिना फूल का पेड़ या यूं कहें बिना फल वाला वृक्ष उसके पास पत्तियां रहती हैं लकड़ी रहती है लेकिन उस पेड़ को उतनी कद्र नहीं मिलती जितने की फल वाले पेड़ों को मिलती है वैसे ही जो मनुष्य लक्ष्य विहीन होते हैं उनकी ना तो समाज में ना तो उनके परिवार में ना ही उनके मित्रों में किसी के बीच कोई कद्र कोई इज्जत कोई सम्मान नहीं होता आपका लक्ष्य होना चाहिए लक्ष्य छोटा हो या बड़ा हो पर एक लक्ष्य एक उद्देश्य के साथ हर मनुष्य का जीवन होना चाहिए तभी वह मनुष्य मनुष्य कहने लायक है नहीं तो वह किसी जानवर से कम नहीं है।

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