लगभग सभी लोगों को साथ कुछ ऐसा घटित हो जाता है। जिसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था जैसे कि बिजनेस में नुकसान हो गया, रिश्तो में दूरियां आ गई, ब्रेकअप हो गया, बहुत सारी चीजें हैं। और कहीं ना कहीं किसी मायने में जो हुआ वह सही ही हुआ होगा पर हम समझ नहीं पाते। क्योंकि हमारे पास इतनी समझ नहीं है, कि सारी परिस्थितियों को हम वक्त पर समझ पाए। खैर अब जो होना था हो गया लेकिन छुटकारा यहां पर भी नहीं मिलता। अब पहले से भी ज्यादा दयनीय स्थिति हो जाती है। क्योंकि भविष्य की तो बात छोड़ो हम वर्तमान में भी नहीं जीते हर वक्त हर समय हर क्षण बस वही याद करते रहते हैं जिस वक्त हमारा नुकसान हुआ या ब्रेकअप हुआ और हम अपनी पुरानी कहानियों को पुरानी स्मृतियों को याद करते रहते हैं दिन रात उसी में खोए रहते हैं। यह भी संभव नहीं है, कि हम सबको इतनी जल्दी भूल जाएं। लेकिन यह भी सही नहीं है कि जो हो गया हम उसी में खोए रहे और इन परिस्थितियों में हम अपने आप को दोषी ठहराते हैं। और हमेशा यह सोचते रहते हैं काश मैं ऐसा करता काश मैं वैसा करता तो जो हुआ यह नहीं हुआ होता, ठीक है! समझ में आपको कुछ आया लेकिन जो ठोकर लगी है उन्हें अपने भविष्य के लिए तैयार हो जाओ जो मैंने गलतियां की हैं वह गलतियां आगे कभी ना हो यह सोचकर नई शुरुआत करो। न की आप हमेशा अपना भूतकाल में ही जीते रहो अब नए सिरे से खड़े हो और यह सोचो कि जो हुआ वह अच्छा हुआ जो होगा सब अच्छा होगा। अगर वह सही ही हो रहा था तुम्हारे साथ, तो गलत नहीं होता। इसका मतलब कहीं ना कहीं जो हो रहा था या फिर आप उस लायक नहीं थे, या फिर वह आपके लायक नहीं था। यह सोच कर उसे वहीं पर छोड़ दो और जहां पर खड़े हो वहीं से एक नई सोच, एक नए उत्साह, और एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं की आप के साथ अब जो होगा वह बहुत अच्छा होगा
आइए हम आपको एक उदाहरण के साथ समझाते हैं
कहानी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की है यहां पर जो कैदी होते हैं उन्हें एक अलग प्रकार की सजा दी जाती है। कैदियों को एक मूवी दिखाई जाती है उनकी मनपसंद जो मोदी होती है। अब जब कैदी पहली बार अपनी मनपसंद मूवी को देखता है तो बहुत खुश होता है। कि वाह! क्या बात है लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं होती है जेलर हमेशा कैदी को एक ही मूवी को दिखाते रहते हैं। और एक वक्त ऐसा आता है कि वह कैदी जेल में ना जा कर मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती हो जाता है और वहीं उसकी जीवन लीला समाप्त हो जाती है। ऐसे ही उन लोगों के शाथ होता है जो अपने अतीत में पड़े रहते हैं। बार बार बार बार सोचते रहते हैं कि वह ऐसा था वह ऐसे थी वह मुझसे इतना प्यार करती थी उस बिजनेस से इतना पैसा आता था और यही सोच सोच कर एक दिन पागल हो जाते हैं जहां पर आपको यह सोचना है कि जो हुआ अच्छा हुआ अपने अतीत से सीख लेकर हमें आगे बढ़ना चाहिए वहां पर आप ग्लानी अनुभव करते है और अपने आपको बरबाद कर लेते है
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