शिक्षक है युग निर्माता

गिरते है हम तो उठाते है शिक्षक,
जीवन की रहा दिखाते है शिक्षक।
अंधेरी राहों पर बनकर दिया,
जीवन को जगमग बनाते है शिक्षक।।
कभी नन्ही आंखो में नमी जो होती,
तो बनकर दोस्त हसंते है शिक्षक।
छोड़ती है दुनिया हांथ कभी जब,
तो झटपट हांथ बड़ाते है शिक्षक।।
जीवन डगर है जीवन समर है,
जीवन संघर्ष दिखाते है शिक्षक।
देकर अपने ज्ञान की पूंजी,
हमें योग्य मानव बनाते है शिक्षक।।
हमें देश ओर दुनिया के लिए,
एक मुकम्मल समाज बनाते है शिक्षक।
नहीं हो कहीं अशांति अनीति,
बस यही एक पैगाम फैलाते है शिक्षक।।

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