न्याय के चोले में, कर रहे अन्याय।

 भारत एक किसी प्रधान देश है यहां का मुख्य व्यवसाय कृषि है खासकर अगर ग्रामीण क्षेत्रों को देखा जाए तो वहां की सारी जनता खेतों पर ही निर्भर रहती है ।
                स्रोत - नवभारत टाइम
जब किसी भी क्षेत्र  में चुनाव होता है तब उस क्षेत्र की जनता अपने उम्मीदवार से यह आस जरूर लगा कर बैठती है कि, अगर यह उम्मीदवार इस बार चुनाव में जीतता है तो हमारे खेतों के लिए हमारे लिए और हमारे समाज के लिए नई योजनाएं लाएगा।
 लेकिन यह कभी नहीं सोचता कि जिस उम्मीदवार को हम लोग अपना अमूल्य वोट देकर विजयी बना  रहे हैं वही उम्मीदवार आने वाले दिनों में अपने स्वार्थ के लिए हमारी ही भूमि को खोदकर बंजर बना देगा या हमारे खेतों को तालाब का रूप दे देगा।

 यह स्थिति अभी उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में ब्लॉक मिहींपुरवा के सेमरहना एवं सायपुर  की है यहां के विधायक माननीय श्री मती सरोज सोनकर जी है।
        -स्रोत न्यूज़ नशा
एवं सांसद माननीय श्री अक्षयबर लाल गौड़ जी है।
           स्रोत inkhbarबाा
ने इन्हीं क्षेत्रों में बालू  के लिए सीधे-साधे किसानों के अनमोल खेतों को बंजर बना रहे हैं।

 सस्ते दामों पर किसानों के खेतों से बालू को खुदवा कर अच्छे दामों में बिक्री करते हैं एवं उन सभी किसानों  के भविष्य को अंधकार में कर रहे हैं यहां पर शिक्षा के अभाव के कारण ग्रामवासी लोग गरीबी के कारण अपने खेत को कुछ पैसों में विधायक एवं सांसदों को दे देते हैं और वह लोग उन्हीं खेतों से 10 से 15 फीट की खुदाई कर रेत निकालते हैं।
 इसके बाद में उस क्षेत्र को छोड़ देते हैं अब वह खेत किसी भी लायक नहीं बचता है ना ही उसमें कोई फसल पैदा होगी ना ही उस खेत में रहने वाले जीव जंतु को कुछ मिलेगा और सत्ता में उनकी सरकार होने के कारण उनके खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है अगर ऐसा ही खनन का कार्य चलता रहा तो आए हुए दिनो यहां के किसान पूर्ण रूप से कंगाल हो जाएंगे इस कंगाली का पूर्ण जिम्मेदार भाजपा सरकार के विधायक एवं सांसद होंगे।

 बढ़ते शहरीकरण एवं प्रदूषण के कारण बहुत सारे जीव जंतु का निवास स्थान कृषि होता है यह के  नेता लोग अपने स्वार्थ के लिए ना केवल किसानों को बर्बाद कर रहे हैं साथ ही साथ हमारे पर्यावरण को भी बहुत हद तक नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्योंकि जिस क्षेत्र में खेतों की खनन होता है उस खेत में लगे हुए पेड़ों को कटवा देते हैं और उस खेत में छोटे-छोटे जो सूक्ष्म जीव होते हैं उनकी भी मृत्यु हो जाती है।

 मैं एक आम नागरिक होने के वास्ते मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि जल्द से जल्द इस खनन के कार्य को रोका जाए नहीं तो आने वाले दिनों में इसका परिणाम बहुत ही हानिकारक सिद्ध होगा।

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